अथर्ववेद (कांड 18)
ये स॒त्यासो॑हवि॒रदो॑ हवि॒ष्पा इन्द्रे॑ण दे॒वैः स॒रथं॑ तु॒रेण॑ । आग्ने॑ याहिसुवि॒दत्रे॑भिर॒र्वाङ्परैः॒ पूर्वै॒रृषि॑भिर्घर्म॒सद्भिः॑ ॥ (४८)
जो पितर सत्य का भाषण करने वाले, चरु, पुरोडाश आदि हवियों का भक्षण करने वाले, सोमरस का पान करने वाले इंद्र तथा अन्य देवों के साथ एक रथ पर बैठे हुए हैं. उन शोभन धनों वाले एवं उत्कृष्ट पूर्व पुरुषों के साथ यज्ञ में बैठने वाले हे अग्नि! तुम शीघ्र हमारे सामने आओ. (४८)
Those who speak of pitra truth, eater of charu, purodash etc. are sitting on a chariot with Indra and other gods who drink someras. O Agni, who sits in the yagna with those riches and excellent former men! You come before us soon. (48)