अथर्ववेद (कांड 19)
व्रा॒त्याभ्यां॒ स्वाहा॑ ॥ (२५)
व्रात्य नाम के दोनों ऋषियों को यह आहुति भलीभांति प्राप्त हो. (२५)
Both the sages named Vratya should get this sacrifice well. (25)
कांड 19 → सूक्त 23 → मंत्र 25 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation