अथर्ववेद (कांड 19)
जा॑ङ्गि॒डोऽसि॑ जङ्गि॒डो रक्षि॑तासि जङ्गि॒डः । द्वि॒पाच्चतु॑ष्पाद॒स्माकं॒ सर्वं॑ रक्षतु जङ्गि॒डः ॥ (१)
हे जंगिड़ नाम की ओषधि अर्थात् जड़ीबूटी! तुम कृत्या नाम की राक्षसी को तथा उस के द्वारा किए हुए कर्मो को निगल लेती हो. इस आधार पर तुम सभी भयों से रक्षा करने वाली होती हो. हे जंगिड़! तुम हमारे दो पैरों वाले पुत्र, पौत्र आदि की तथा चार पैरों वाले गाय, अश्व आदि पशुओं की रक्षा करो. (१)
O warrior named Jangida i.e. herb! You swallow the demon named Krita and the deeds done by her. On this basis, you are going to protect against all fears. O warrior! Protect our two-legged sons, grandsons, etc. and four-legged cows, horses, etc. animals. (1)