अथर्ववेद (कांड 19)
वेद॒ वै रा॑त्रि ते॒ नाम॑ घृ॒ताची॒ नाम॒ वा अ॑सि । तां त्वां भ॒रद्वा॑जो वेद॒ सा नो॑ वि॒त्तेऽधि॑ जाग्रति ॥ (६)
हे रात्रि! मैं तेरे नामों को जानता हूं. तू दीप्तिमती नाम वाली है. ऐसी तुझ रात्रि को भरद्वाज जानते हैं. वह रात्रि हमारे धन की रक्षा के लिए जागृत रहे. (६)
O night! I know your names. You are named Deeptimati. You know this night. May that night stay awake to protect our wealth. (6)