हरि ॐ

अथर्ववेद (Atharvaved)

अथर्ववेद 19.52.4

कांड 19 → सूक्त 52 → मंत्र 4 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

अथर्ववेद (कांड 19)

अथर्ववेद: | सूक्त: 52
कामे॑न मा॒ काम॒ आग॒न्हृद॑या॒द्धृद॑यं॒ परि॑ । यद॒मीषा॑म॒दो मन॒स्तदैतूप॑ मामि॒ह ॥ (४)
फल विषयक इच्छा से काम मेरे समीप आए. ब्राह्मणों का फल प्राप्त करने वाला मन भी मुझे प्राप्त हो. (४)
Work came to me with the desire of the fruit. May I also get the mind that receives the fruits of Brahmins. (4)