अथर्ववेद (कांड 19)
का॒ले मनः॑ का॒ले प्रा॒णः का॒ले नाम॑ स॒माहि॑तम् । का॒लेन॒ सर्वा॑ नन्द॒न्त्याग॑तेन प्र॒जा इ॒माः ॥ (७)
काल में मन, प्राण तथा नाम व्याप्त हैं. ये सब प्रजाएं वसंत आदि रूप काल के कारण प्रसन्न रहती है. (७)
Mind, soul and name pervade time. All these people are happy due to spring etc. (7)