अथर्ववेद (कांड 19)
शं नो॑ मि॒त्रः शं वरु॑णः॒ शं वि॒वस्वा॒ञ्छमन्त॑कः । उ॒त्पाताः॒ पार्थि॑वा॒न्तरि॑क्षाः॒ शं नो॑ दि॒विच॑रा॒ ग्रहाः॑ ॥ (७)
मित्र, वरुण, सूर्य तथा अंतक हमें शांति प्रदान करें. पृथ्वी और अंतरिक्ष में होने वाले उत्पात एवं द्युलोक में संचरण करने वाले गृह हमें शांति प्रदान करें. (७)
Friends, Varuna, Surya and Antak give us peace. May the planets that cause havoc on earth and space and the planets that transmit in the world give us peace. (7)