अथर्ववेद (कांड 2)
विश्व॑म्भर॒ विश्वे॑न मा॒ भर॑सा पाहि॒ स्वाहा॑ ॥ (५)
हे विश्वंभर! अपनी समस्त पोषण शक्ति के द्वारा मेरी रक्षा करो. यह हवि भलीभांति हवन किया हुआ हो. (५)
O universe! Protect me with all your nourishing power. This havi is well done havan. (5)