अथर्ववेद (कांड 2)
आ ह॑रामि॒ गवां॑ क्षी॒रमाहा॑र्षं धा॒न्यं रस॑म् । आहृ॑ता अ॒स्माकं॑ वी॒रा आ पत्नी॑रि॒दमस्त॑कम् ॥ (५)
मैं गायों का दूध लाता हूं तथा अन्न एवं जल भी लाता हूं. मैं पुत्र, पौत्र एवं पत्नी को ले आया हूं. इन सब से मेरा घर पूर्ण रहे. (५)
I bring cow's milk and also food and water. I have brought my son, grandson and wife. May my house be complete with all this. (5)