अथर्ववेद (कांड 20)
न सेशे॒ यस्य॑ रोम॒शं नि॑षे॒दुषो॑ वि॒जृम्भ॑ते । सेदी॑शे॒ यस्य॒ रम्ब॑तेऽन्त॒रा क्थ्या॒ कपृ॒द्विश्व॑स्मा॒दिन्द्र॒ उत्त॑रः ॥ (१७)
जिस का रोमों वाला मेढ़ा जमुहाई लेता है, वह असमर्थ होता है. जिस का पुरुष अंग जांघों में लटकता है वह सामर्थ्य वाला होता है. इंद्र सर्वश्रेष्ठ हैं. (१७)
The one whose ram with the hairs takes the jamuhai is incapable. The one whose male organ hangs in the thighs is powerful. Indra is the best. (17)