हरि ॐ

अथर्ववेद (Atharvaved)

अथर्ववेद 20.126.19

कांड 20 → सूक्त 126 → मंत्र 19 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

अथर्ववेद (कांड 20)

अथर्ववेद: | सूक्त: 126
अ॒यमे॑मि वि॒चाक॑शद्विचि॒न्वन्दास॒मार्य॑म् । पिबा॑मि पाक॒सुत्व॑नो॒ऽभि धीर॑मचाकशं॒ विश्व॑स्मा॒दिन्द्र॒ उत्त॑रः ॥ (१९)
मैं यज्ञ कर्म करने वाले को खोज रहा हूं तथा परिष्कृत सोमरस को पी रहा हूं. इंद्र सर्वश्रेष्ठ हैं. (१९)
I am looking for the one who performs yajna karma and drinking the refined someras. Indra is the best. (19)