हरि ॐ

अथर्ववेद (Atharvaved)

अथर्ववेद 20.127.1

कांड 20 → सूक्त 127 → मंत्र 1 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

अथर्ववेद (कांड 20)

अथर्ववेद: | सूक्त: 127
इ॒दं जना॒ उप॑ श्रुत॒ नरा॒शंस॒ स्तवि॑ष्यते । ष॒ष्टिं स॒हस्रा॑ नव॒तिं च॑ कौरम॒ आ रु॒शमे॑षु दद्महे ॥ (१)
हे नराशस स्तोताओ सुनो! हम साठ हजार नब्बे रुशम नाम की मुद्रा प्रदान करते हैं. (१)
Listen, O Narashus Stotao! We offer currency named Sixty Thousand Ninety Rusham. (1)