हरि ॐ

अथर्ववेद (Atharvaved)

अथर्ववेद 20.127.10

कांड 20 → सूक्त 127 → मंत्र 10 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

अथर्ववेद (कांड 20)

अथर्ववेद: | सूक्त: 127
अ॒भीवस्वः॒ प्र जि॑हीते॒ यवः॑ प॒क्वः प॒थो बिल॑म् । जनः॒ स भ॒द्रमेध॑ति रा॒ष्ट्रे राज्ञः॑ परि॒क्षितः॑ ॥ (१०)
राजा परीक्षित के राज्य में मनुष्य इस प्रकार सुखी हैं कि उन्हें अपने उदर रूपी बिल को भरने के लिए जौ प्राप्त हो जाता है. (१०)
In the kingdom of King Parikshit, humans are so happy that they get barley to pay their abdominal bill. (10)