अथर्ववेद (कांड 20)
यः स॒भेयो॑ विद॒थ्य: सु॒त्वा य॒ज्वाथ॒ पूरु॑षः । सूर्यं॒ चामू॑ रि॒शादस॒स्तद्दे॒वाः प्राग॑कल्पयन् ॥ (१)
अभिषव अर्थात् सोमरस निचोड़ने का काम करने वाला, यज्ञकर्ता एवं सभ्य पुरुष सूर्यलोक को भेद कर उस से ऊपर वाले लोक में जाता है. इस की कल्पना देवताओं ने पहले कर ली थी. (१)
Abhishav i.e. someras, the one who works to squeeze, the yajnakar and the civilized man distinguish the sun and go to the world above it. This was imagined by the gods earlier. (1)