हरि ॐ

अथर्ववेद (Atharvaved)

अथर्ववेद 20.131.5

कांड 20 → सूक्त 131 → मंत्र 5 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

अथर्ववेद (कांड 20)

अथर्ववेद: | सूक्त: 131
श॒तमा॒श्वा हि॑र॒ण्ययाः॑ । श॒तं र॒थ्या हि॑र॒ण्ययाः॑ । श॒तं कु॒था हि॑र॒ण्ययाः॑ । श॒तं नि॒ष्का हि॑र॒ण्ययाः॑ ॥ (५)
सुनहरे रंग के सौ घोड़े, सोने के बने सौ रथ, सोने के बने सौ गछे और सोने के सौ निष्क अर्थात्‌ सिक्के या आभूषण हैं. (५)
There are hundred horses of golden color, hundred chariots made of gold, hundred balls made of gold and hundred gold nishkas i.e. coins or ornaments. (5)