अथर्ववेद (कांड 20) अथर्ववेद: 20.132.1 | सूक्त: 132 आदला॑बुक॒मेक॑कम् ॥ (१) एक अलाबुक अर्थात् रामतोरई है. (१) There is an Alabuk i.e. Ramtorai. (1)