अथर्ववेद (कांड 20)
भुगि॑त्य॒भिग॑तः॒ शलि॑त्य॒पक्रा॑न्तः॒ फलि॑त्य॒भिष्ठि॑तः । दु॒न्दुभि॑माहनना॒भ्यां जरितरोथा॑मो दै॒व ॥ (१)
खाने वाला चला गया, गतिशील जीव भाग गया है तथा उसका शरीर रखा है. हे स्तुति करने वालो! तुम इस के बाद दुंदुभि जिन दो डंडों से बजाई जाती है, उस से खेलो. (१)
The eater is gone, the moving creature has fled and his body is kept. O praisers! After this, play with the two sticks with which Dundubi is played. (1)