हरि ॐ

अथर्ववेद (Atharvaved)

अथर्ववेद 20.136.14

कांड 20 → सूक्त 136 → मंत्र 14 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

अथर्ववेद (कांड 20)

अथर्ववेद: | सूक्त: 136
विदे॑वस्त्वा म॒हान॑ग्नी॒र्विबा॑धते मह॒तः सा॑धु खो॒दन॑म् । कु॑मारी॒का पि॑ङ्गलि॒का कार्द॒ भस्मा॑ कु॒ धाव॑ति ॥ (१४)
ये महान अग्नि विशेष पीड़ा देने वाले हैं. ये बड़ों को खोद डालते हैं. पिंगल अर्थात्‌ पीले रंग की यह कुमारी कार्य करने के बाद भाग जाती है. (१४)
These great agnis are special pain givers. They dig up the elders. This yellow virgin runs away after doing the work. (14)