हरि ॐ

अथर्ववेद (Atharvaved)

अथर्ववेद 20.139.1

कांड 20 → सूक्त 139 → मंत्र 1 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

अथर्ववेद (कांड 20)

अथर्ववेद: | सूक्त: 139
आ नू॒नम॑श्विना यु॒वं व॒त्सस्य॑ गन्त॒मव॑से । प्रास्मै॑ यच्छतमवृ॒कं पृथु छ॒र्दिर्यु॑यु॒तं या अरा॑तयः ॥ (१)
हे अश्विनीकुमारो! इस के बालक के घूमने के हेतु एवं रक्षा के लिए इसे ऐसा घर दो, जहां सियार न पहुंच सके. इस के शत्रुओं को उस से दूर करो. (१)
O Ashwinikumaro! For the movement of this child and for protection, give him a house where the jackal cannot reach. Remove the enemies of this from him. (1)