अथर्ववेद (कांड 20)
सोषाम॑विन्द॒त्स स्वः सो अ॒ग्निं सो अ॒र्केण॒ वि ब॑बाधे॒ तमां॑सि । बृह॒स्पति॒र्गोव॑पुषो व॒लस्य॒ निर्म॒ज्जानं॒ न पर्व॑णो जभार ॥ (९)
बृहस्पति देव ने पर्वत की गुफा में अंधकार से छिपी हुई गायों को देखने के लिए उषा देवी को प्राप्त किया. बृहस्पति देव ने प्रकाश करने के लिए सूर्य एवं अग्नि को प्राप्त किया. इन्हें प्राप्त कर के बृहस्पति देव ने प्रकाश से अंधकार को नष्ट कर दिया. बृहस्पति देव ने गौ रूपधारी असुर का हनन कर के गायों को इस प्रकार बाहर निकाला, जिस प्रकार हड्डियों से मज्जा अर्थात् चरबी बाहर निकाली जाती है. (९)
Brihaspati Dev received Usha Devi to see the cows hidden in the darkness in the cave of the mountain. Jupiter received the sun and agni to light. By receiving them, Jupiter destroyed darkness with light. Brihaspati Dev violated the cow form asura and took out the cows in such a way that marrow i.e. fat is taken out of the bones. (9)