हरि ॐ

अथर्ववेद (Atharvaved)

अथर्ववेद 20.23.3

कांड 20 → सूक्त 23 → मंत्र 3 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

अथर्ववेद (कांड 20)

अथर्ववेद: | सूक्त: 23
इ॒मा ब्रह्म॑ ब्रह्मवाहः क्रि॒यन्त॒ आ ब॒र्हिः सी॑द । वी॒हि शू॑र पुरो॒डाश॑म् ॥ (३)
हे इंद्र! हम तुम्हारी स्तुति कर रहे हैं. तुम इन कुशाओं पर बैठी. हे वीर! कुशाओं पर बैठ कर तुम हमारे द्वारा दिए गए पुरोडाश का भक्षण करो. (३)
O Indra! We are praising you. You sat on these cushions. O heroic! Sit on the kushas and eat the purodash given by us. (3)