स॒त्तो होता॑ न ऋ॒त्विय॑स्तिस्ति॒रे ब॒र्हिरा॑नु॒षक् । अयु॑ज्रन्प्रा॒तरद्र॑यः ॥ (२)
हे इंद्र! हमारे यज्ञ में होता नाम का ऋत्विज् समय पर उपस्थित हो कर बैठे. हमारे यज्ञ में कुश एकदूसरे से मिले हुए बिछे. सोमरस कूटने के लिए प्रातः स्वप्न में पत्थर एकदूसरे से मिले. (२)
O Indra! In our yajna, the name of The Ritvij sat on time. In our yajna, Kush met each other. In the morning, stones met each other in the morning to crush Someras. (2)
स म॑न्दस्वा॒ ह्यन्ध॑सो॒ राध॑से त॒न्वा म॒हे । न स्तो॒तारं॑ नि॒दे क॑रः ॥ (६)
हे इंद्र! तुम अपने शरीर में बल प्राप्त करने के लिए सोमरस पी कर प्रसन्न बनो. मुझे अधिक धन देने के लिए तुम हर्षित होओ. मैं तुम्हारा स्तोता हूं. मुझे दूसरे का निंदक मत बनाओ. (६)
O Indra! You become happy by drinking somras to gain strength in your body. You are happy to give me more money. I am your host. Don't make me a slanderer of others. (6)
हे इंद्र! तुम अश्चों को प्रेम करने वाले हो. अपने अश्चों को तुम हम से दूर रथ से अलग मत करो. तुम अश्च युक्त रथ पर चढ़े हुए ही हमारे यज्ञ में आओ. यहां आ कर तुम सोमरस पियो और हर्ष पूर्ण बनो. (८)
O Indra! You are going to love the ashes. Don't separate your horses from the chariot you're away from us. Come to our yajna only while climbing on a chariot with tears. Come here and drink somerous and be happy. (8)