हरि ॐ

अथर्ववेद (Atharvaved)

अथर्ववेद 20.28.2

कांड 20 → सूक्त 28 → मंत्र 2 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

अथर्ववेद (कांड 20)

अथर्ववेद: | सूक्त: 28
उद्गा आ॑ज॒दङ्गि॑रोभ्य आ॒विष्कृण्वन्गुहा॑ स॒तीः । अ॒र्वाञ्चं॑ नुनुदे व॒लम् ॥ (२)
इंद्र ने अंगिरा गोत्र वाले ऋषियों के लिए गुफा में छिपी गायों को प्रकट किया तथा उन्हें निकाल कर उन का अपहरण करने वाले राक्षसों को अधोमुख कर के मिटा दिया. (२)
Indra revealed the hidden cows in the cave to the sages of the Angira tribe and removed them and wiped out the demons who abducted them. (2)