हरि ॐ

अथर्ववेद (Atharvaved)

अथर्ववेद 20.29.3

कांड 20 → सूक्त 29 → मंत्र 3 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

अथर्ववेद (कांड 20)

अथर्ववेद: | सूक्त: 29
अ॒पां फेने॑न॒ नमु॑चेः॒ शिर॑ इ॒न्द्रोद॑वर्तयः । विश्वा॒ यदज॑यः॒ स्पृधः॑ ॥ (३)
हे इंद्र! तुम ने जल के फेन का वज्र बना कर नमुचि राक्षस का सिर काट दिया था तथा विरोधी सेनाओं पर विजय प्राप्त की थी. (३)
O Indra! You had cut off the head of the Namuchi demon by making a thunderbolt of the foam of water and conquered the opposing armies. (3)