हरि ॐ

अथर्ववेद (Atharvaved)

अथर्ववेद 20.49.6

कांड 20 → सूक्त 49 → मंत्र 6 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

अथर्ववेद (कांड 20)

अथर्ववेद: | सूक्त: 49
तत्त्वा॑ यामि सु॒वीर्यं॒ तद्ब्रह्म॑ पू॒र्वचि॑त्तये । येना॒ यति॑भ्यो॒ भृग॑वे॒ धने॑ हि॒ते येन॒ प्रस्क॑ण्व॒मावि॑थ ॥ (६)
हे इंद्र! मैं तुम से बल युक्त अन्न की याचना करता हूं. जिस अन्न रूप धन को प्राप्त कर के भृगु ऋषि ने शांति अनुभव की तथा कण्व ऋषि के पुत्र प्रस्कण्व की रक्षा की, हम उसी धन की याचना करते हैं. (६)
O Indra! I ask you for strong food. We ask for the same wealth that Bhrigu Rishi experienced peace by getting wealth in the form of food and protected Praskanva, the son of Kanva Rishi. (6)