हरि ॐ

अथर्ववेद (Atharvaved)

अथर्ववेद 20.69.10

कांड 20 → सूक्त 69 → मंत्र 10 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

अथर्ववेद (कांड 20)

अथर्ववेद: | सूक्त: 69
यु॒ञ्जन्त्य॑स्य॒ काम्या॒ हरी॒ विप॑क्षसा॒ रथे॑ । शोणा॑ धृ॒ष्णू नृ॒वाह॑सा ॥ (१०)
सारथी इंद्र के रथ में हरि नाम के अथवा हरित वर्ण के घोड़ों को जोड़ते हैं. इंद्र के रथ के दोनों ओर रहने वाले घोड़े ऐसी सवारी हैं, जिस की कामना की जाती है. वे घोड़े सब को वश में करते हैं. (१०)
Charioteer adds horses named Hari or green color to Indra's chariot. Horses living on both sides of Indra's chariot are rides that are wished for. Those horses subdue everyone. (10)