हरि ॐ

अथर्ववेद (Atharvaved)

अथर्ववेद 20.70.10

कांड 20 → सूक्त 70 → मंत्र 10 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

अथर्ववेद (कांड 20)

अथर्ववेद: | सूक्त: 70
इन्द्र॒ वाजे॑षु नोऽव स॒हस्र॑प्रधनेषु च । उ॒ग्र उ॒ग्राभि॑रू॒तिभिः॑ ॥ (१०)
हे इंद्र! जो युद्ध श्रेष्ठ धन प्राप्त कराने वाला है, उस युद्ध में तुम अपने अतिरिक्त रक्षा साधनों से हमारी रक्षा करो. (१०)
O Indra! In the war that is going to get the best wealth, protect us with your additional defense tools. (10)