अथर्ववेद (कांड 20)
एमे॑नं सृजता सु॒ते म॒न्दिमिन्द्रा॑य म॒न्दिने॑ । चक्रिं॒ विश्वा॑नि॒ चक्र॑ये ॥ (८)
हे अध्वर्युजनो! तुम उक्थ मंत्र बोलते हुए सोमरस को चमसों के द्वारा मिलाओ. यह सोम निचुड़ जाने पर इंद्र को प्रसन्न करता है. (८)
O Swami! You mix somras with spoons while chanting the uktha mantra. This soma pleases Indra when he is gone. (8)