हरि ॐ

अथर्ववेद (Atharvaved)

अथर्ववेद 20.71.9

कांड 20 → सूक्त 71 → मंत्र 9 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

अथर्ववेद (कांड 20)

अथर्ववेद: | सूक्त: 71
मत्स्वा॑ सुशिप्र म॒न्दिभि॒ स्तोमे॑भिर्विश्वचर्षणे । सचै॒षु सव॑ने॒ष्वा ॥ (९)
हे सुंदर ठुडूडी वाले इंद्र! तुम सोमयागों में हर्षवर्धक सोमरस को पी कर हर्ष प्राप्त करो. (९)
O beautiful indra! You should drink the joyful Somersa in the somayagas and get happiness. (9)