अथर्ववेद (कांड 20)
अ॒क्षीभ्यां॑ ते॒ नासि॑काभ्यां॒ कर्णा॑भ्यां॒ छुबु॑का॒दधि॑ । यक्ष्मं॒ शीर्ष॒ण्यं म॒स्तिष्का॑ज्जि॒ह्वाया॒ वि वृ॑हामि ते ॥ (१७)
मैं तेरे नेत्रों, नासिका, कानों, ठुडूडी आदि से शीर्षण्य रोग को तथा तेरे मस्तक और जीभ से यक्ष्मा आदि रोगों को बाहर करता हूं. (१७)
I remove the head disease from your eyes, nose, ears, theody, etc. and diseases like tuberculosis from your head and tongue. (17)