अथर्ववेद (कांड 20)
अ॒स्थिभ्य॑स्ते म॒ज्जभ्यः॒ स्नाव॑भ्यो ध॒मनि॑भ्यः । यक्ष्मं॑ पा॒णिभ्या॑म॒ङ्गुलि॑भ्यो न॒खेभ्यो॒ वि वृ॑हामि ते ॥ (२२)
मज्जा, अस्थि, सूक्ष्म नाड़ियों, उंगलियों, नाखूनों और तेरे शरीर की सभी धातुओं से तेरे यक्ष्मा रोग को बाहर निकाल कर तुझ से दूर करता हूं. (२२)
I take out your tuberculosis disease from the marrow, bone, subtle nerves, fingers, nails and all the metals of your body and remove it from you. (22)