अथर्ववेद (कांड 5)
सोमो॑ युनक्तु बहु॒धा पयां॑स्य॒स्मिन्य॒ज्ञे सु॒युजः॒ स्वाहा॑ ॥ (१०)
सोमदेव इस यज्ञ में संयुक्त होने वाले जलों को मिलाएं. यह आहुति उन के निमित्त हो. (१०)
Somdev mix the waters to be combined in this yajna. This sacrifice should be for them. (10)