हरि ॐ

अथर्ववेद (Atharvaved)

अथर्ववेद 5.28.12

कांड 5 → सूक्त 28 → मंत्र 12 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

अथर्ववेद (कांड 5)

अथर्ववेद: | सूक्त: 28
आ त्वा॑ चृतत्वर्य॒मा पू॒षा बृह॒स्पतिः॑ । अह॑र्जातस्य॒ यन्नाम॒ तेन॒ त्वाति॑ चृतामसि ॥ (१२)
अर्यमा, पूषा और बृहस्पति तुझे भली प्रकार बांधें. दिन में उत्पन्न होने वाले का जो नाम है, उस नाम से हम तुझे बांधते हैं. (१२)
May Aryama, Pusha and Jupiter bind you well. We bind you with the name of the one who is born in the day. (12)