अथर्ववेद (कांड 6)
विश्व॑जित्त्रायमा॒णायै॑ मा॒ परि॑ देहि । त्राय॑माणे द्वि॒पाच्च॒ सर्वं॑ नो॒ रक्ष॒ चतु॑ष्पा॒द्यच्च॑ नः॒ स्वम् ॥ (१)
हे विश्वजित् देव! जगत् का पालन करने वाली देवी के लिए रक्षा के हेतु मुझ स्वस्त्ययन इच्छुक को दो. हे त्रायमाणा नामक देवी! हमारे दो पैरों वाले सभी पुत्र, पौत्र आदि की रक्षा करो तथा मेरे सभी चौपायों की भी रक्षा करो. (१)
O Vishwajit Dev! Give me to the desire to swastyan for protection for the goddess who follows the world. This goddess called Trayamana! Protect all our two-legged sons, grandsons, etc. and also protect all my four-legs. (1)