अथर्ववेद (कांड 6)
अ॑होरा॒त्राभ्यां॒ नक्ष॑त्रेभ्यः सूर्याचन्द्र॒मसा॑भ्याम् । भ॑द्रा॒हम॒स्मभ्यं॑ राज॒ञ्छक॑धूम॒ त्वं कृ॑धि ॥ (३)
हे शकधूम ब्राह्मण तथा हे नक्षत्रों के राजा चंद्रमा! रातदिन, नक्षत्रों, सूर्य और चंद्रमा के पास हमारे लिए पुण्य वाला दिन लाओ. (३)
O Shakdhum Brahmin and O Moon, the king of constellations! Bring us a day of virtue near the night, the constellations, the sun and the moon. (3)