अथर्ववेद (कांड 6)
व्री॒हिम॑त्तं॒ यव॑मत्त॒मथो॒ माष॒मथो॒ तिल॑म् । ए॒ष वां॑ भा॒गो निहि॑तो रत्न॒धेया॑य दन्तौ॒ मा हिं॑सिष्टं पि॒तरं॑ मा॒तरं॑ च ॥ (२)
हे पहले निकले हुए, ऊपर वाले दो दांतो! तुम गेहूं, जौ, उरद और तिल खाओ. तुम्हारे रमणीय फल के लिए ही गेहूं, जौ आदि का भाग रखा गया है. तुम माता और पिता की हिंसा मत करो. (२)
O first protruding, the upper two teeth! You eat wheat, barley, urad and sesame. Part of wheat, barley etc. has been kept only for your delightful fruit. Don't do the violence of mother and father. (2)