हरि ॐ

अथर्ववेद (Atharvaved)

अथर्ववेद 6.82.2

कांड 6 → सूक्त 82 → मंत्र 2 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

अथर्ववेद (कांड 6)

अथर्ववेद: | सूक्त: 82
येन॑ सू॒र्यां सा॑वि॒त्रीम॒श्विनो॒हतुः॑ प॒था । तेन॒ माम॑ब्रवी॒द्भगो॑ जा॒यामा व॑हता॒दिति॑ ॥ (२)
जिस प्रकार अश्चिनीकुमारो ने सविता की पुत्री सूर्या से विवाह किया, उसी प्रकार से भग ने मुझ से कहा कि पत्नी ले आओ. (२)
Just as Ashchinikumaro married Surya, savita's daughter, in the same way, Bhaga told me to bring a wife. (2)