हरि ॐ

अथर्ववेद (Atharvaved)

अथर्ववेद 8.1.17

कांड 8 → सूक्त 1 → मंत्र 17 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

अथर्ववेद (कांड 8)

अथर्ववेद: | सूक्त: 1
उत्त्वा॒ द्यौरुत्पृ॑थि॒व्युत्प्र॒जाप॑तिरग्रभीत् । उत्त्वा॑ मृ॒त्योरोष॑धयः॒ सोम॑राज्ञीरपीपरन् ॥ (१७)
द्यौ देवता एवं पृथ्वी तेरा भरणपोषण करें. सभी देवों के पिता प्रजापति ने तेरा उद्धार किया था. सोम की पत्नियों और जड़ीबूटियों ने मृत्यु से तुझे छुड़ाया था. (१७)
May the gods and the earth feed you. Prajapati, the father of all gods, saved you. Som's wives and herbs rescued you from death. (17)