हरि ॐ

अथर्ववेद (Atharvaved)

अथर्ववेद 8.1.19

कांड 8 → सूक्त 1 → मंत्र 19 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

अथर्ववेद (कांड 8)

अथर्ववेद: | सूक्त: 1
उत्त्वा॑ मृ॒त्योर॑पीपरं॒ सं ध॑मन्तु वयो॒धसः॑ । मा त्वा॑ व्यस्तके॒श्यो॒ मा त्वा॑घ॒रुदो॑ रुदन् ॥ (१९)
हे आयु की कामना करने वाले पुरुष! अन्न के देव धाता तुझे मृत्यु से बचाएं एवं तेरा उद्धार करें. बिखरे हुए केशों वाले बांधव एवं नारियां तेरी मृत्यु पर न रोऐं. तेरे संबंधी दुःख के कारण न रोएं. (१९)
O men wishing for age! May the God of food save you from death and save you. Do not cry over your death, do not cry over your death. Do not cry because of your relative's sorrow. (19)