हरि ॐ

अथर्ववेद (Atharvaved)

अथर्ववेद 8.10.11

कांड 8 → सूक्त 10 → मंत्र 11 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

अथर्ववेद (कांड 8)

अथर्ववेद: | सूक्त: 10
तां र॑ज॒तना॑भिः काबेर॒कोधो॒क्तां ति॑रो॒धामे॒वाधो॑क् ॥ (११)
रजत नाभि काबेरक ने उस का दोहन किया और उस से तिरोधा को दुहा. (११)
Silver navel Kaberak exploited it and milked Tirodha from it. (11)