हरि ॐ

अथर्ववेद (Atharvaved)

अथर्ववेद 8.10.13

कांड 8 → सूक्त 10 → मंत्र 13 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

अथर्ववेद (कांड 8)

अथर्ववेद: | सूक्त: 10
सोद॑क्राम॒त्सा स॒र्पानाग॑च्छ॒त्तां स॒र्पा उपा॑ह्वयन्त॒ विष॑व॒त्येहीति॑ ॥ (१३)
उस विराट ने उत्क्रमण किया और वह सर्पो के समीप पहुंचा. सर्पो ने उस का आह्वान करते हुए कहा-“हे विषवाले आओ.” (१३)
That Virat reversed and he reached near Sarpo. Serpo called on him and said, "Come, O poison ones." (13)