अथर्ववेद (कांड 8)
मृ॒त्युरी॑शे द्वि॒पदां॑ मृ॒त्युरी॑शे॒ चतु॑ष्पदाम् । तस्मा॒त्त्वां मृ॒त्योर्गोप॑ते॒रुद्भ॑रामि॒ स मा बि॑भेः ॥ (२३)
देव दो पैरों वाले मनुष्यों और चार पैरों वाले पशुओं के स्वामी हैं. जिस प्रकार ग्वाला पशुओं का स्वामी होता है, उसी प्रकार मृत्यु देव सभी प्राणियों के स्वामी हैं. मैं तेरा मृत्यु से उद्धार करता हूं. तू भयभीत न हो. (२३)
Dev is the master of two-legged humans and four-legged animals. Just as the cowherd is the swami of animals, so the god of death is the swami of all beings. I save you from death. Don't be afraid. (23)