हरि ॐ

अथर्ववेद (Atharvaved)

अथर्ववेद 8.7.11

कांड 8 → सूक्त 7 → मंत्र 11 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

अथर्ववेद (कांड 8)

अथर्ववेद: | सूक्त: 7
अपक्री॒ताः सही॑यसीर्वी॒रुधो॒ या अ॒भिष्टु॑ताः । त्राय॑न्ताम॒स्मिन्ग्रामे॒ गामश्वं॒ पुरु॑षं प॒शुम् ॥ (११)
हमारे द्वारा लाई गई, रोगों का विनाश करने में समर्थ एवं मंत्रों द्वारा प्रभावित जो जड़ीबूटियां हैं, वे इस गांव के मनुष्यों और पशुओं की रक्षा करें. (११)
May the herbs brought by us, capable of destroying diseases and affected by mantras, protect the humans and animals of this village. (11)