हरि ॐ

अथर्ववेद (Atharvaved)

अथर्ववेद 9.10.4

कांड 9 → सूक्त 10 → मंत्र 4 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

अथर्ववेद (कांड 9)

अथर्ववेद: | सूक्त: 10
तस्मा॑ उ॒द्यन्त्सूर्यो॒ हिङ्कृ॑णोति संग॒वः प्र स्तौ॑ति ॥ (४)
उदय होते हुए सूर्य उस के लिए हुंकार करते हैं और किरणों वाले सूर्य उस की प्रशंसा करते हैं. (४)
Rising sun calls for him and the sun with rays praises him. (4)