अथर्ववेद (कांड 9)
स उप॑हूत॒ उप॑हूतः ॥ (१२)
वह इस लोक और परलोक दोनों में आदर से बुलाया जाता है. (१२)
He is respectfully called in both this world and the hereafter. (12)
कांड 9 → सूक्त 11 → मंत्र 12 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation