हरि ॐ

अथर्ववेद (Atharvaved)

अथर्ववेद 9.12.16

कांड 9 → सूक्त 12 → मंत्र 16 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

अथर्ववेद (कांड 9)

अथर्ववेद: | सूक्त: 12
दे॑वज॒ना गुदा॑ मनु॒ष्या आ॒न्त्राण्य॒त्रा उ॒दर॑म् ॥ (१६)
देवजन इस की गुदा, मनुष्य आंतें तथा अन्न उदर है. (१६)
Devjan is its anus, human intestines and food stomach. (16)