हरि ॐ

अथर्ववेद (Atharvaved)

अथर्ववेद 9.2.19

कांड 9 → सूक्त 2 → मंत्र 19 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

अथर्ववेद (कांड 9)

अथर्ववेद: | सूक्त: 2
कामो॑ जज्ञे प्रथ॒मो नैनं॑ दे॒वा आ॑पुः पि॒तरो॒ न मर्त्याः॑ । तत॒स्त्वम॑सि॒ ज्याया॑न्वि॒श्वहा॑ म॒हांस्तस्मै॑ ते काम॒ नम॒ इत्कृ॑णोमि ॥ (१९)
कामदेव सर्वप्रथम उत्पन्न हुआ. देव, पितर और मनुष्य कोई भी उस की समानता नहीं कर सकता. इस कारण तुम सभी से ज्येष्ठ और समस्त विश्व में महान हो. मैं तुम्हारे लिए नमस्कार करता हूं. (१९)
Cupid was born first. God, father and man cannot equate him. For this reason, you are superior to all and great in the whole world. I salute you. (19)