अथर्ववेद (कांड 9)
प्रा॑जाप॒त्यो वा ए॒तस्य॑ य॒ज्ञो वित॑तो॒ य उ॑प॒हर॑ति ॥ (११)
अतिथि के निमित्त अन्न देना प्राजापत्य यज्ञ है. (११)
Giving food for the guest is a prajapatya yagya. (11)
कांड 9 → सूक्त 7 → मंत्र 11 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation