अथर्ववेद (कांड 9)
तेषा॒मास॑न्नाना॒मति॑थिरा॒त्मञ्जु॑होति ॥ (४)
अतिथि उन परोसे हुए भोज्य पदार्थो का आत्मा में ही हवन करता है. (४)
The guest performs havan in the soul of those served food items. (4)
कांड 9 → सूक्त 7 → मंत्र 4 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation