हरि ॐ

अथर्ववेद (Atharvaved)

अथर्ववेद 9.8.4

कांड 9 → सूक्त 8 → मंत्र 4 - संस्कृत मंत्र, हिंदी अर्थ और English translation

अथर्ववेद (कांड 9)

अथर्ववेद: | सूक्त: 8
प्र॒जां च॒ वा ए॒ष प॒शूंश्च॑ गृ॒हाणा॑मश्नाति॒ यः पूर्वोऽति॑थेर॒श्नाति॑ ॥ (४)
जो अतिथि से पहले भोजन करता है, वह अपने घरों की संतान और पशुओं का भक्षण करता है. (४)
He who eats before the guest eats the children and animals of his house. (4)